Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020

Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020
Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020

Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020

ये देश उन जवानों से है जिन्होंने इसके लिए अपनी जान की कुर्बानी दी है। 23 मार्च को शहीद दिवस आ रहा है, जिसके लिए Best Shaheed Diwas Poem In Hindi लेकर आये हैं। हम ये Hindi Poem इसलिए लाये हैं ताकि हम भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान शहीदों को याद कर सके। इसलिए ये post special आज Shahid Diwas के लिए लिखी गई है। अगर आपको ये Shahid Diwas Kavita पसन्द आये, तो अपने दोस्तों के साथ share जरूर करें। ताकि ऐसी ही देशभक्ति कविता हम आपके लिए लाते रहें।

Shaheed Diwas Poem In Hindi

चलो दुश्मन से तकरार करने ओढ़कर चादर आसमानी,
दुनिया को दिखा दो फिर से हम योद्धा हैं हिंदुस्तानी।

पथ हमारा प्रशस्त रहे चाहे तन सिमट जाए,
शूरवीर वही जो मरकर तिरंगे में लिपट जाए,
छत्रिय वो नहीं जो रण भूमि में पीछे हट जाए,
वीर वही जो प्रण निभाए चाहे सिर कट जाए,

बहा दो लहू को अपने चाहे देनी पड़े सांसों की कुर्बानी,
दुनिया को दिखा दो फिर से हम योद्धा है हिंदुस्तानी।

आतंक खत्म झूठ पर सत्य का अवतार हो जाए,
भारत क्या पूरी दुनिया में हमारी सरकार हो जाए,
वार करो ऐसा कि कायरों में हाहाकार हो जाए,
धरती से अंबर तक भारत मां की जय जयकार हो जाए,

Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020
Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020

जो वतन के काम ना आए किस काम की वह जवानी,
दुनिया को दिखा दो फिर से हम योद्धा है हिंदुस्तानी।

वीरगति वही पाते जो इस मिट्टी का है बना,
लड़ते लड़ते शत्रु से जो वीर रक्त में है सना,
एक बार सीमा पर होगा फिर संग्राम घना,
मां भारती की आबरू पर होगा हर बंदा फना,

Desh Bhakti Kavita Hindi Me

Shahid Diwas Hindi Poem

More Hindi Poems

इतिहास के पन्नों में फिर से गढ़ो नई अमर अजर कहानी,
दुनिया को दिखा दो फिर से हम योद्धा है हिंदुस्तानी।

चलो दुश्मन से तकरार करने ओढ़कर चादर आसमानी,
दुनिया को दिखा दो फिर से हम योद्धा है हिंदुस्तानी।

– मिस्टर आकाश “दीवाना तेरा”

Shaheed Diwas Poem

लिखने जाता हूँ जब उनके लिए अल्फ़ाज़,
तो अपने आप लिखाता इंकलाब जिंदाबाद,
भगत सिंह शिवराम राजगुरु दो वीरों के बाद,
जय हो सुखदेव थापर और चंद्रशेखर आजाद।

वीरों के बलिदान को करते हम सत सत नमन,
सारे जहां को छोड़ लगाते उनके याद में मन,
वीरो ने दी कुर्बानी जिनको याद करता वतन,
वो थे चंद्रशेखर सुखदेव भगत राजगुरु निछावर किया तन।

इंकलाब जिंदाबाद इंकलाब जिंदाबाद ये नारा लगा के गए,
जब तक जान थी तब तक अंग्रेजो को यहीं सता के गए,
माताओं ने ऐसे ऐसे वीर पैदा करके दिये इस वतन को,
लड़ते लड़ते मर गए पर फिरंगियों के होश उड़ा के गए।

– मनोज शर्मा “एम एस”

Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020
Best Shaheed Diwas Poem In Hindi | Shahid Diwas Kavita 2020

उन वीरों की क्या कहूं कहानी,
जान वतन पर जिनने वारी है,
बलिदान वतन पर अमर है उनका,
जिनकी देश पे अपनी कुर्बानी है।

Shahid Diwas Kavita

वीरता की कहानी तुमने लिख डाली,
इतिहास वतन पे पढ़ने वाली को,
रक्षक तुम जैसे हिम्मत वाले हो,
इसीलिए मना पाते दिवाली को।

भारत माता के लाडले वीर नाम अमर रहेगा,
रक्त की वो स्याही तुमने लिखी भारत कहेगा,
फर्ज निभाया तुमने बेटे होने की खातिर,
दुश्मन आंख मिलाने से भी अब हमसे डरेगा।

– हिमांशु कुमार सागर

खोकर तुम होश अपना यहां क्या क्या करो,
छोड़ दो बेवफाओं को वतन से वफ़ा करो,
यूँ बेवजह झगड़ो से बाज़ नहीं आओगे,
लड़ना है तो आओ वतन के लिए लड़ा करो।

वो खुद को कर बलिदान चले गए,
आजादी का कर आह्वान चले गए,
सब कुछ लुटा गए हैं वो शहीद,
वो तन का छोड़के मकान चले गए।

Hindi Poem On Shahid Diwas

छोड़ दो आज़ादी के लिए तन मन,
कह गए हैं शहीद गर चाहिए वतन,
सब है बंजर दिलों की ज़मीं यहां,
बस एक ही है अपनी धरती चमन।

निखारके वतन अपना खुद बिखर गए,
जिनकी वजह से आज हम संवर गए,
कोई दिखता नहीं उनके जैसा यहां,
ना जाने वो अमर शहीद किधर गए।

मिले नहीं अधिकार तो लड़ो बेशक,
काम सबके हित में करो बेशक,
चाहे जान जाए फिक्र ना करना,
राह गर पानी है तो चलो बेशक।

अभी का नहीं ये तो कब का है,
वतन एक का नहीं हम सबका है,
ना रखो किसी से जलन द्वेष,
हर इंसान यहां पर रब का है।

Poem On Shahid Diwas

वतन चाहिए तो वतन के लिए काम करो,
फूल खिलेंगे गर चमन के लिए काम करो,
कुछ नहीं कर सकते तो इतना तो करो,
ज़रा उन्हें करने नमन के लिए काम करो।

किस किस का मैं आज करूँ बखान,
वतन के लिए मरने वाले हुए हैं इंसान,
ऐसे में याद सबसे पहले आते हैं वो,
भगतसिंह सुखदेव राजगुरु हुए कुर्बान।

कहां मिलेंगे वो वीर शहीद जो चले गए,
ज़रा सोच लो वो यहां से क्यों चले गए,
ऐसा वक्त गुज़ारा उन्होंने देश के लिए,
ना मनाई दिवाली और ईद वो चले गए।

– योगेन्द्र “यश”

Conclusion : देशभक्ति कविता के लिए आपको यहां बहुत अच्छे भाव देखने को मिले होंगे। ये Best Shaheed Diwas Poem हिंदी में लिखी गई। उम्मीद है आने वाले शहीद दिवस तक आप इन कविताओं को ज्यादा से ज्यादा जरूर share करेंगे। दोस्तों इन Shahid Diwas Kavita से हमने वीरों को याद करने की कोशिश की। ऐसी ही Hindi Poetry के लिए True Feel Hindi वेबसाइट को रोजाना visit करिये।

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