Best Poem On Mother In Hindi | मां पर कविताएं | मां कविता

Best Poem On Mother In Hindi
Best Poem On Mother In Hindi

Best Poem On Mother In Hindi | मां पर कविताएं | मां कविता

मां पर कविताएं तो आपने बहुत पढ़ी होगी। लेकिन आज जो हम Best Poem On Mother हिंदी में लेकर आये हैं, वो आपको कुछ अलग लगेगी। मां की ममता के लिए शब्द बयां कर पाना नामुमकिन सा होता है। क्योंकि मां एक ऐसी शख्सियत होती है जिसकी तुलना हम किसी से नहीं कर सकते। आज हमारे कवि ने मिलकर मां के लिए कविताएं लिखने का छोटा सा प्रयास किया है। इन हिंदी कविताओं में आपको मां पर ऐसे भाव मिलेंगे जो हो सकता है आपके दिल में मां के प्रति प्यार को और बढ़ा दे। हमारा उद्देश्य ही यही है कि हम मां के लिए अच्छे विचार आपके समक्ष रख सके। ये कविताएं पढ़ने के बाद हमें कमेन्ट बॉक्स में ज़रूर बताएं कि हमारे रचनाकारों ने कितना सफल प्रयास किया। तो चलिए पढ़ते हैं आज की मां पर कविताएं

Poem On Mother – धरती का उपकार है मां

जीवन का आधार है मां,
ममता प्यार दुलार है मां,
मंदिर में हो पूजा जिसकी,
वो दुर्गा अवतार है मां।

भवसागर को पार लगा दे,
नैया की पतवार है मां,
निश्छल निर्मल प्रेम बहा दे,
गंगा की वो धार है मां।

Best Poem On Mother In Hindi
Best Poem On Mother In Hindi

सृष्टि जिस पर रहती निर्भर,
वो सारा संसार है मां,
जिसकी गोदी में है पलती,
बालक की किलकारी मां।

विस्मृत जिसको किया न जाए,
धरती का उपकार है मां,
शब्द नहीं है मेरे दिल में,
दुनिया को स्वीकार है मां।

– गीता राठौर

जिसकी कोख से जन्म लेने,
भगवान भी तरसता है,
इस धरा पर माँ ही है,
जिसके आँचल में प्रेम बरसता है।

बच्चे कठोर और पूत,
कपूत हो सकता है,
पर माँ के मन में,
होती सिर्फ़ नम्रता है।

Maa Poems Collection

Papa Poem In Hindi

माँ दया है करुणा है,
जीती जागती उदारता है,
तीर्थ स्थल जाना ज़रूरी नहीं,
माँ के कदमों मे ही देवता है।

सूनी हवेली डरावनी,
पर माँ से घर मंदिर बनता है,
माँ रस है अलंकार है व छंद है,
सच कहूँ तो माँ एक कविता है।

Poem On Maa – माँ ही परमात्मा है

देवलोक से आई,
माँ ही परमात्मा है,
माँ हर शरीर के,
अन्तर आत्मा की भाषा है।

बच्चों को सूखे में सुला ,
खुद गीले में सोती है,
माँ हमारे जीवन को,
दिशा देने की परिभाषा है।

माँ से ही घर परिवार,
एक मंदिर होता है,
सुख और दुःख को,
बांटने की आशा है।

उसके स्पर्श से ही,
हर दर्द दूर हो जाता है,
क्योंकि यही हमारे सपनों की,
सबसे बड़ी अभिलाषा है।

– प्रमोद कुमार चौहान

Maa Poem – घर में ही बंट जाती मां

बच्चे की शरारतों और गम को,
बड़ी हँस के सह जाती है माँ,
लेती है जन्म प्रसव पीड़ा में दुबारा,
फिर कहीं बच्चों की कहलाती है माँ।

मुझको सुला के सूखे में हरदम,
खूद गीले में भी सो जाती है माँ,
परियों के सपनो में सो जाऊ मैं,
जाग कर मीठी लोरी सुनाती है माँ।

खाके लात घुसे अपने छोटे बच्चों के,
फिर भी बच्चों को दूध पिलाती है माँ,
हमें सीखा कर माँ बोलना जग में,
हमारी पहली गुरु बन जाती है माँ।

Mata Pita Status 

Miss U Shayari

जैसी हो संतान उसकी वो जहाँ से प्यारा है,
हँसी सुनकर मेरी सारा दुःख़ भूल जाती है माँ,
हर एक जुबाँ में माँ सा प्यारा कोई शब्द नहीं,
मुख से सुनके माँ फुली नहीं समाती है माँ।

वो डरती है जो खुद छिपकली से पर,
बच्चों की ख़ातिर मौत से लड़ जाती है माँ,
मैं बच पाऊं जहाँ की हर एक बला से,
इसलिए काला टिका मुझे लगाती है माँ।

चाहे बच्चा पहुँच जाये कितना बड़े पद पर,
अपने बच्चों को बड़ा नहीं मान पाती है माँ,
चाहे करूँ बाहर जा कर जितनी भी शैतानी,
मेरे लिए सारे जग से भी लड़ जाती है माँ।

कहकर अभी बच्चा है जाने दीजिए ना,
पापा के आक्रोश से हमेशा मुझे बचाती है माँ,
शैतानियों पर मुझे पिटाई कर डंडों से,
रोते रोते खुद ही मरहम मुझे लगाती है माँ।

जीतता रहूँ में अपने दुश्मनों से हमेशा,
जंग से पहले दही शक्कर खिलाती है माँ,
जोड़ कर रखती पूरे घर को अपने स्नेह से,
बुढ़ापे में जाने क्यों घर में ही बँट जाती है माँ।

– राम सिंगार “देवदूत”

Maa Poetry – मां तू ही सहारा ना कोई मेरा

तू माँ है मेरी मैं हूँ लाल तेरा,
माँ तू ही सहारा ना कोई है मेरा।

तेरे कदमों को मैं आंखों से चूमू,
भक्ति में तेरी मैं नाचू और झूमू,
तू है शाम मेरी तू ही मेरा सवेरा,
माँ तू ही सहारा ना कोई है मेरा।

कौन कहता है कि भक्ति में चमक नहीं है,
बंद आंखों से देखते हैं तो रोशनी नहीं है,
एक बार तू माँ की भक्ति में लीन होकर देख,
तू भूल जाएगा कि माँ की शक्ति में क्या नहीं है।

माँ तेरी भक्ति को सर्वोपरि है माना,
मैं नादान था पर अब है जाना,
तू राह है मेरी मैं हूँ उसका किनारा,
माँ तू ही सहारा ना कोई है मेरा।

दुनिया की मस्ती में झूमोगे कुछ ना मिलेगा,
बिना कीचड़ के कमल ना खिलेगा,
माँ पर भरोसा उसकी शक्ति ना पहचानी तो,
इस जहाँ में कोई सहारा ना मिलेगा।

दुनिया के झमेले को एक तरफ फेंक दे,
माँ के चरणों में तू मस्तक टेक दे,
जहाँ है माँ मेरा और है बसेरा,
माँ तू ही सहारा ना कोई है मेरा।

समय समय पर अपना समय ना गवा,
कष्ट कितने मिले हैं तू बार बार ना दिखा,
तू कष्टों को समेट परवाह मत कर,
इनकी कोई और नहीं माँ ही है दवा।

दर्द कितने मिले ये मैं जाऊंगा भूल,
चलूंगा हमेशा उन पे माँ के हैं जो उसूल,
माँ तू खुशी है मेरी मैं हूँ भक्त तेरा,
तू माँ है मेरी मैं हूँ लाल तेरा,
माँ तू ही सहारा ना कोई है मेरा।

– जितेन्द्र “हमदर्द”

Maa Kavita – मां मां कहलाती है

सारे संसार ने जिनको पूजा,
उनसे बढ़कर नहीं कोई दूजा,
वो तो ममता की मूरत है,
कितनी भोली सूरत है।

जिसने सारा जगत बनाया,
स्वर्ग जैसा घर बनाया,
उसका नाम मां कहलाया।

मां पर कविताएं | मां कविता
मां पर कविताएं | मां कविता

जब हमको नींद नहीं आती,
तो हमें लोरी सुनाकर सुलाती,
जिनकी छांव में हम पले बढ़े,
जिन्होंने हमें चलना सिखाया,
उन्हें माता कहकर बुलाया।

मेहनत करके हमारा पेट पाला,
खुद भूखी रह कर हमे खिलाया,
किसी ने क्या खूब कहा है,
स्वर्ग वही है मां जहां है,
जागती रहती मां पर बच्चो को सुलाती है,
इसीलिए तो मां मां कहलाती है।

मां की ममता में वो प्यार है,
डांटते हुए भी करती प्यार है,
जो मां का मतलब ना समझे,
वो इंसान नहीं हैवान है।

जगत जननी कहते हैं उसे नाम जिसका मां है,
जिस घर में मां नहीं उस घर चैन कहां है,
भगवान जिनकी पूजा करें नाम उसी का मां है,
चाहे कितना दुःख हो सहती रहती मां है।

नमन है उनके चरणों को जिसने हमें बनाया है,
मां की खातिर सारा जग पराया है,
घर से निकले तो मां को चिंता होती है,
इसी याद में मां रात भर ना सोती है।

कभी याद आती है मां की छलके नयनों से आंसू,
अधूरे वो ख्वाब हैं पूरे तभी होंगे अगर सपनों में मां है।
ये दुआ है सबसे ना छोड़ना कभी मां को,
जिसने तुम्हारे लिए त्यागा खुद को,
काबिल बनाया तुम्हे इस कदर कि बता सको खुद को।

– राहुल एम पी

Mom Poem In Hindi – मां तो मां ही होती है

चाहे लाख हो रिश्ते नाते पर,
माँ तो माँ ही होती है,
जो सूखे पे सुला कर बच्चो को,
खुद गीले बिस्तर पे सोती है।

अपने खून से माँ ने सींचा मुझको,
दुध से शक्ति पोषण देती है,
जब नजर उतारे मेरी वो तब,
सारी बलाएं ले लेती है।

फिर देख हमारी चंचलता को,
वो ढेरों ख्वाब संजोती है,
चाहे लाख हो रिश्ते नाते पर,
माँ तो माँ ही होती है।

माँ जैसा प्यार दुलार बच्चो को,
और कोई नहीं दे सकता,
खुद भगवान भी आकर धरती पे,
माँ की जगह नहीं ले सकता।

चाहे लाख हो रिश्ते नाते,
पर माँ तो माँ ही होती है,
जो सूखे पे सुला कर बच्चो को,
खुद गीले बिस्तर पे सोती है।

मां रब की बनाई इस दुनिया में,
एक ही ऐसी हस्ती है,
जो हमारे ना होने से ना होने तक,
रोम रोम में बसती है।

जिस वजूद का अहंकार हमे है,
वही वजूद हमें वो देती है,
पीकर जिसको चलती सांसे,
वही दुध हमें वो देती है।

फिर देख हमे वो बढ़ता हुआ,
सहज सहज ही हँसती है,
मां रब कि बनाई इस दुनिया में,
एक ही ऐसी हस्ती है,
जो हमारे ना होने से ना होने तक,
रोम रोम में बसती है।

Poem On Mom – मां एक ही ऐसी हस्ती है

हम देर रात जो घर ना लौटे,
तो फिर वो घबराती है,
हम गलती करके जो ना माने,
तो फिर डंडे से समझाती है,
मां के चेहरे पे गुस्सा,
आंखों में ममता बसती है।

मां रब की बनाई इस दुनिया में,
एक ही ऐसी हस्ती है,
जो हमारे ना होने ना होने तक,
रोम रोम में बसती है।

रब के समान दिल है मां का,
ये रब की ही परछाई है,
मैं पूरी दुनिया में मौजूद रहूं,
रब ने इसीलिए तो मां बनाई है,
मां बन के बादल खुशियों का,
हर दम दुनिया में बरसती है।

मां रब की बनाई इस दुनिया में,
एक ही ऐसी हस्ती है,
जो हमारे ना होने से ना होने तक,
रोम रोम में बसती है।

जीवन भर जिस घर को मां,
सदा खुशियों से भरती है,
ना जानू मैं क्यों उस मां को,
औलाद बेघर करती है,
क्यों दूध से पालकर बच्चों को,
मां खूद पानी को तरसती है,

मां रब की बनाई इस दुनिया में,
एक ही ऐसी हस्ती है,
जो हमारे ना होने से ना होने तक,
रोम रोम में बसती है।

– गुरदित सिंह

Conclusion : मां के लिए शब्दों में भाव व्यक्त करने की एक छोटी सी कोशिश में हमने Best Poem On Mother हिंदी में प्रस्तुत की। हमारे कवियों ने जिस तरह आज की हिंदी कविता में मां के प्रति भाव व्यक्त किये वाकई क़ाबिल ए तारीफ़ है। इन कविताओं में मां की ममता के साथ साथ ये भी बताया गया कि मां कैसी शख्सियत होती है, जो हमारे जीवन में खास होती है। मां का अच्छा महत्व हमें आज की कविताओं में पढ़ने को मिला। उम्मीद है मां पर कविताओं के माध्यम से हम आपके दिल तक पहुंच पाए होंगे। अगर ये कविताएं आपको अच्छी लगी हो, तो post के link को share जरूर करें।

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