Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs – 2020

Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs - 2020
Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs - 2020

Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs – 2020

भारत देश के Shahid हुए जवानों को नमन करते हुए Shahid diwas 2020 के लिए हम Poem On Martyrs प्रस्तुति कर रहे हैं। जैसा कि martyrs day आने में है और इसीलिए अगर आपको ये Sainik Par Kavita पसन्द आए, तो अपने दोस्तों के साथ हमारे सैनिकों के सम्मान के लिए इन्हें ज्यादा से ज्यादा share करें।

ये वेद नहीं दिलों पे लिखा है,
सैनिक कभी भी नहीं बिका है,
ये राष्ट्र नेताओं के कंधों पे नहीं,
शहीदों की चिताओं पे टिका है।

Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs - 2020
Shahid Hindi Kavita | Poem On Martyrs – 2020

हमेशा देश को ही मांगा है चाहों में,
सब क़ुरबान कर दिया इन राहों में,
शहीद बेटे की बूढ़ी माँ के मुँह से,
देश का नाम ही निकलता है आहों में।

देश पे ख़तरा देखा तो सैनिक लोगों की उम्मीद हो गए,
बलिदानियों को देखकर बच्चे बच्चे देश के मुरीद हो गए,
एक क्या सौ सौ जीवन कुर्बान भारत माता पर,
देश सुरक्षित बना रहे इसलिये सैनिक शहीद हो गए।

– सुनील धाकड़

ऐ हिमालय वो तुमसे भी बडे़ हैं,
जो तुम्हारे लिए दुश्मन से लड़े हैं,
भुला मत देना तुम उन शहीदों को,
जो मरकर भी तुम्हारी रक्षा में खड़े हैं।

तिरंगा फूल है तो वो भ्रमर हो गये,
जंग ए मैदान में शूर समर हो गये
शहीद कभी मरा नहीं करते जवानों,
वो तो मरकर यादों में अमर हो गये।

ये जो सफेद बर्फीली घाटियों में रक्तरंगा है,
ये शहीदों के बलिदानों की अमृतगंगा है,
क्या होती है मोहब्बत सीखो उन दीवानों से,
जिनके लहू में देशप्रेम और जान तिरंगा है।

माँ भारती के पुत्रों की उम्मीदों को नमन करता हूँ,
आजादी के उन चश्मदीदों को नमन करता हूँ,
माँ के आँचल की खातिर जीवन को कुर्बान किया,
मैं भारत के ऐसे वीर शहीदों को नमन करता हूँ।

– मिस्टर आकाश

Shahid Hindi Kavita

दुनिया में सबसे अमीर होता है,
चाहे वो सैनिक गरीब होता है,
खुशनसीब तो वो लोग है यारो,
जिन्हे तिरगां कफन नसीब होता है।

कौन हंसते हंसते जान देता है,
कौन जवानी का बलिदान देता है,
ये नशा है भारत देश के लाल में,
जो देश को बचा ईमान देता है।

– अम्बिका प्रसाद पाण्डेय “अंशु”

बलिदान शहीदों का व्यर्थ नहीं जा पाया,
आजादी का जीवित झंडा देशभर में लहराया,
सांस आखिरी जो लूटा गए इस वतन पर,
शीश कटा कर भी अपना तिरंगा फहराया।

आजादी के परवाने ये माता के प्यारे,
डटे रहे सीमा पे देते इंकलाब के नारे,
है फक्र वतन से करते ऊंचा सिर अपना,
यह आजादी है उन बलिदानों के सहारे।

जान गवा दी जिन्होंने वतन पे,
क्या तुम उन वीरों को भूल गए,
इस देश तिरंगे की खातिर जो,
हंसते हंसते फांसी पे झूल गए।

– हिमांशु कुमार सागर

अपनों से जुदा जवान हो गए,
हिन्दुस्तान की पहचान हो गए,
महबूब का साथ छोड़ कर वो,
वतन के लिए कुर्बान हो गए।

देखकर सूची उन शहीदों की,
आंख भर आई जलते दीपों की,
शहीदों की चिता जलती नहीं,
चीता जलती देश की उम्मीदों की।

वतन से प्यार करते थे वतन के महबूब हो गए,
चढ़ा नशा दीवानगी का इसी में हम खो गए,
जब सांसे थी तो जागते रहे वो वतन के लिए,
जब सांसे नहीं रही तो तिरंगा ओढ़ के सो गए।

– अजय वर्मा

न दौलत को नमन करते हैं,
न शोहरत को नमन करते हैं,
बस हम अपने शहीदों की,
मुहब्बत को नमन करते हैं।

न चमन पर मरे,
न सनम पर मरे,
वो भगतसिंह थे ,
जो वतन पर मरे।

न हम कफ़न से प्यार करते हैं,
न बेवफा सनम से प्यार करते हैं,
बहाया था शहीदों ने जिसपे खून,
बस इस वतन से प्यार करते हैं।

– शिवाजी सेन”गोल्ड”

Poem On Martyrs – 2020

गाथा बलिदान वतन की और इंकलाब के नारे हैं,
वीर हमारे शहीद हुए जितने आसमान में तारे हैं,
तब ही चांद सा चमका है जो अलग निराला है,
इस देश की धरती पे ऐसे बेटे और भी प्यारे हैं,

है वतन जिन्हें देता है अपनी आन बान का,
वो रक्षक वीर वतन के कभी ना दुश्मन से हारे हैं,
चीख उठा फिर जगत इंकलाब से भारत देश,
जय जय हिंद जय भारत माता के नारे हैं,

भेदभाव ना धर्म का ना ही मजहब होता है,
मंदिर मस्जिद है एक यहां और एक गुरुद्वारे हैं,
आजादी के परवाने वो इस वतन के रखवाले,
फिर हिंद मराठा या हो कोई शहीद वो सारे हैं।

– हिमांशु कुमार सागर

आज की ये पोस्ट shahid diwas 2020 के लिए थी। जिसमें आपको martyrs day के लिए sainik par kavita प्रस्तुत की गई। शहीद के लिए कविता अगर आपके दिल तक पहुंचे, तो ऐसी ही hindi poetry के लिए आप हमारे प्लेटफॉर्म पे आते रहे। अगर आप blog से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, तो what is blog in hindi को जरूर read करें।

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