Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem
Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

आये दिन एसिड अटैक लड़कियों पर हो रहे हैं। एक रचनाकार होने के नाते आज हम Best Hindi Poetry On Acid Attack पेश कर रहे हैं। इसी उम्मीद के साथ कि हम अपनी हिंदी कविता से लोगों की सोच बदल पाएं। हम Acid Attack से पीड़ित girls के लिए कुछ भले ही ना कर सके। हम Acid Attack Girl Poem के माध्यम से लोगों को Aware तो कर ही सकते हैं। हालांकि, ऐसी नारियों की पीड़ा व्यक्त कर पाना नामुमकिन है। हमने इन कविताओं में पूरी कोशिश की है कि हम उनकी पीड़ा को समाज के सामने ला सके। उम्मीद है आपको ये एसिड अटैक हिंदी poetry collection जरूर पसंद आएगा। आप समाज के और नारियों के हित के लिए इतना तो कर ही सकते हैं कि इस post के link को आप हर जगह फैला दें।

Hindi Poetry On Acid Attack – मुझको इन्कार था

क्या तुमने खुद से कभी ये पूछा,
मुझ पर तेरा क्या इख़्तियार था,
ढूंढता खुद को मेरे दिल में कभी,
क्यों नहीं मुझे तुझसे प्यार था।

पाना मुझे किसी हाल में ये था इरादा,
पायी सज़ा क्योंकि मुझको इन्कार था,
मेरे जिस्म पे थी तेरी हवस की नजर,
तुझे कहाँ कभी मेरे रूह से प्यार था।

तुमने तो मेरे जिस्म को जलाया,
मेरे रूह पर तेरा कहाँ इख्तियार था,
तुमने की सरेआम जबरदस्ती मुझसे,
ये कैसा तेरा मोहब्बत का इजहार था।

Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem
Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

तुमने तो सिर्फ अपनी खुशी चाही हमेशा,
ना जाने तेरा ये कैसा एक तरफा प्यार था,
ख़त्म करना था तो ख़त्म करता पहले,
जो दरमियाँ हमारे गलत व्यवहार था।

मेरे सपनों को तुम कैसे रोक पाओगे,
ये तेरी जीत नहीं तुझपे जूतों का हार था,
आज मेरे चेहरे पे फिर से मुस्कान है,
जैसे कभी मेरा ये जीवन सदाबहार था।

मैं नदी हूँ कोई मुझे कैसे रोक पायेगा,
मेरे सपने ही तो यहां मेरा संसार था,
मुझे तो पाना है समुन्दर अभी और भी,
सुन आज भी वही है जो मेरा किरदार था।

Acid Attack Girl Poem – फूल नहीं तेज़ाब था

हाँ तुमने बताया मुझसे तुम्हे प्यार बेहिसाब था,
मैं देख न पाई तेरे चेहरे पे नफरत का नकाब था,
तुम तो हमेशा कहते रहे कि मैं तेरा आफ़ताब था,
काश देख पाती तेरे हाथों में फूल नहीं तेजाब था।

आज डरती है दुनिया जिससे वो कभी महताब था,
मैंने वो पाया जो तुझसे नजदीकियों का हिसाब था,
आज मन में घृणा है जिसमें कभी पलता ख्वाब था,
दिल बंद दरवाजा है जो कभी खुली किताब था।

More Hindi Poetry

उस मंजर से मैं गुजरी जहाँ तेरे हवस का सैलाब था,
जलाना गुल ए गुलशन को क्या यही तेरा इंकलाब था,
दिया तुमने उम्र भर का दर्द जिसे देना तुम्हे गुलाब था,
क्यों फेंक दिया तेज़ाब मुझ पर ये कैसा तेरा जवाब था।

– राम सिंगार चौहान “देवदूत”

Acid Attack Girl Poem In Hindi – चेहरा या नकाब

नकाब, हिजाब, पर्दा,
ओट, घुंघट, मुखौटा,
मास्क, चेहरा, मुखड़ा,
शक्ल, मुख, आनन,
जितने नाम उतने ही काम।

कभी होता ये खूबसूरत,
तो कभी बदसूरत,
इसी में छुपे होते,
खुशी, फरेब तो आंसू।

चेहरा ही तो है जिसे देख
लोग चरित्रवान या
फिर बनते हैं चरित्रहीन।

चेहरे की चाहत में ही तो,
व्यक्ति का वजूद बनता है।
नही तो मिट जाता है,
चेहरा ही तो जो सुन्दरता
का प्रतीक माना जाता है।

जिस पर हर मानव
मंत्रमुग्ध हो जाता है,
चेहरे को ही तो हमने
गुणों से अधिक माना है।
क्यों कि जो दिखता है,
वही रूप या कुरूप होता है।

पर गुण तो अहसास का भाव है,
जो दिखता नहीं करता है,
पर चेहरे के आगे हर कोई
नत मस्तक होकर,
कुछ भी कर जाता है।

चेहरे की चाहत ही तो है,
जो मिलने मिलाने को आतुर रहता है,
पर उसे यही चेहरा जब
नहीं मिलता तो,
तेजाब का शिकार भी
यही चेहरा होता है।

– प्रमोद कुमार चौहान

Poem On Acid Attack – एक तेज़ाब की बूंद

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

मेरा भी प्यारा चमन था,
अपनों से रिश्ता नाता,
मैं अपने गुलशन की कली थी,
भंवरा भी देख मुस्कुराता।
मैं ताजी हवाओं सी थी,
जग में सबसे थी न्यारी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

ख़राब किस्मत थी मैं बदनसीब,
जैसे बिल्ली ने रास्ता काटा,
जब लिखा गया मेरा जीवन,
सिर्फ दुःख मुझको था बाँटा।
मैं राह गयी थी सीधे,
किसी ने सिटी मारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

वो मनचला रास्ते में,
मुझे अपशब्द कहता था,
बेशर्म गलत उसका चरित्र,
मुझे घूरा करता था।
मैं अपने इरादों की पक्की,
उसके प्यार में ना हारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem
Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

आये दिन वो मिलता,
मुझे कहता था जानू,
नजर ना मैं थी उठाती,
उनकी बात ना मैं मानू।
वो भूखे गीदड़ से थे,
उनकी नीयत कारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

अपने दोस्तों के संग,
मुझे चलती राह रुकवाया,
गुलाब उसने दिया मुझको,
उसके इज़हार को ठुकराया।
मानवता को तार तार,
उसने हद पार कर दी सारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

बदले की भावना जागी उसमें,
मेरे रूप को देख इतराया,
उस दरिंदे ने भरी राह,
मुझ पर तेज़ाब गिराया।
मैं बेबस होकर गिर पड़ी,
भूल गयी अपनी खुशियां सारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

करूँ मैं विनती रब से,
महिलाओं की रक्षा करना,
समाज में पल रहे जालिमों के,
दिल को अच्छा करना।
मेरे साथ नाइंसाफी की,
अरे मैं भी तो नारी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

सुन लो मेरी प्यारी बहनों,
खुद को सशक्त बनाओ,
आत्म सुरक्षा के गुण सीखों,
और खुद को दृढ़ बनाओ।
एक वीरांगना वो भी थी,
जो झाँसी की रानी थी।

मम्मी की रानी थी,
पापा की प्यारी थी।

– जितेन्द्र “हमदर्द”

Acid Attack Poetry In Hindi – तुझसे एक सवाल है

अम्ल की बौछार देखकर मेरा बुरा हाल है,
ऐ दरिंदगी करने वाले तुझसे एक सवाल है,
मतलब परस्त ऐ जालिम क्यों दिया प्यार का वास्ता,
खुशियों से खेला तू रोक दिया था मेरा रास्ता।

निर्ममता से तू क्यों आखिर उस पर ऐ जालिम वार किया,
क्या यही है प्रेम की भाषा रूप रंग क्यों बिगाड़ दिया,
तेरे इस कारनामे से जन जन को मलाल है,
ऐ दरिंदगी करने वाले तुझसे एक सवाल है।

रिश्ते नाते हैं तेरे भी हैं माता बहना प्यारी,
उन पर क्या बीतेगी जीना पड़ जायेगा भारी,
कैसी होगी वेदना तुझको कैसा फिर संसार होगा,
हाहाकार सुनकर ऐ सितमगर जीना दुश्वार होगा।

किया जो तूने उससे क्या चैन और अमन बहाल है,
ऐ दरिंदगी करने वाले तुझसे एक सवाल है।

Acid Attack Poetry – आनन पर हताशा

कानन में रोती है नारी,
आनन पर हताशा है,
जिस्म से खेलता जालिम यहां पर,
आबरु बना तमाशा है।

नीरव में नीर नदी है बहती,
ख़ामोशी में हर वेदना सहती,
उर में कुछ जिज्ञासा है,
कानन में रोती है,
नारी आनन पर हताशा है।

निष्ठुर बने लोग यहां सब,
कोई अम्ल बरसाता है,
प्रताड़ित है आखिर करे क्या,
विपरीत उसकी पासा है,
कानन में रोती है नारी,
आनन पर हताशा है।

बुलबुल सी चहक है उसमें,
सरस उसकी भाषा है,
पर करे क्या इस जग में,
इंसान हवस का प्यासा है,
कानन में रोती है नारी,
आनन पर हताशा है।

– दिग्विजय सिंह

Acid Attack Hindi Poetry – मेरा कसूर तो बताओ

मेरा चेहरा जलाने वाले,
मुझे मेरा कसूर तो बताओ,
अगर करते हो मुझसे प्यार तो,
मुझे जले चेहरे के साथ अपनाओ।

माना कि सच्चे प्यार का,
इजहार तुमने कर दिया,
बस गुनाह ये मुझसे हो गया,
प्यार से इन्कार मैंने कर दिया।

क्यों छोड दिया जिस्म मेरा,
इसे भी तुम जलाओ,
मेरा चेहरा जलाने वाले,
मुझे मेरा कसूर तो बताओ।

अगर करते हो मुझसे प्यार तो,
मुझे जले चेहरे के साथ अपनाओ।

क्या हर किसी को मेरी तरह,
तुम उसी नजर से देखोगे,
उसने तुम्हे किया ना पसंद,
तो तेजाब उसपे भी फेंकोगे।

ये तो बताओ साजना,
कैसा ये तेरा प्यार है,
नफरत करने वाला,
मुझको कभी नहीं स्वीकार है।

ये प्यार है या पागलपन,
मुझे फरक तो दिखाओ,
मेरा चेहरा जलाने वाले,
मुझे मेरा कसूर तो बताओ।

अगर करते हो मुझसे प्यार तो,
मुझे जले चेहरे के साथ अपनाओ।

अगले जन्म खुदा करे,
मुझे बेटी तेरी बनाए वो,
फिर आशिक तुम जैसा सरफिरा,
मेरी जिन्दगी में लाये वो।

उस दिन हो सका तो पूछूँगी,
अब कैसा महसूस हो रहा,
ये दुनिया को समझाओ,
मेरा चेहरा जलाने वाले,
मुझे मेरा कसूर तो बताओ।

अगर करते हो मुझसे प्यार तो
मुझे जले चेहरे के साथ अपनाओ

मेरी जिन्दगी उजाड़कर,
तुम मर्दानगी दिखाते हो,
यहां क्यों मेरे साथ तुम,
मेरे सपनो को जलाते हो।

मेरी नहीं तो ना सही,
ना होगी किसी और की,
तुम ये बोल मुझे सुनाते हो,
ये तो बताओ क्या घर में भी,
माँ बहन को तेजाब से नहलाते हो।

कैसा होता है जलने का दर्द,
कभी तुम भी जान पाओ,
मेरा चेहरा जलाने वाले,
मुझे मेरा कसूर तो बताओ।

अगर करते हो मुझसे प्यार तो,
मुझे जले चेहरे के साथ अपनाओ।

Hindi Poetry Acid Attack – अब कैसा महसूस करते हो

अब कैसा महसूस करते हो,
सुंदर चेहरा मेरा जलाकर,
बोलो अब तो खुश हो ना तुम,
मुझे जीते जी दफनाकर।

माना कि मुझको देखकर,
बहुत प्यार तुमको हो गया,
क्यों मर्जी मेरी भूल गए,
क्या मैंने ये हक भी खो दिया।

Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem
Best Hindi Poetry On Acid Attack | Acid Attack Girl Poem

क्यों उस दिन के बाद तुमने,
देखा नहीं मुझको फिर आकर,
अब कैसा महसूस करते हो,
तुम चेहरा मेरा जलाकर।

बोलो अब तो खुश हो ना तुम,
मुझे जीते जी दफनाकर।

क्या आज भी मेरे इस चेहरे को,
तुम प्यार से सहलाओगे,
मेरे इन जले बालों में तुम,
अपनी उंगलियां गुमाओगे।

क्या मिला मेरे जिस्म पे,
ऐसे फफोले बनाकर,
कैसा महसूस करते हो,
तुम चेहरा मेरा जलाकर।

बोलो अब तो खुश हो ना तुम,
मुझे जीते जी दफनाकर।

ये तो बताओ तेजाब का,
ख्याल कैसे आया तुम्हे,
ये सोच अपनी थी तेरी,
या किसी और ने सिखलाया तुम्हे।

बोलो अब क्यों छोड दिया मुझे,
चंद पलों के लिए अपनाकर,
अब कैसा महसूस करते हो,
तुम चेहरा मेरा जलाकर।

बोलो अब तो खुश हो ना तुम,
मुझे जीते जी दफनाकर।

– गुरदित सिंह

Acid Attack Quotes In Hindi – गुनाह बस इतना था

गुनाह बस इतना था
कि हम तुमसे प्यार नहीं करते,
ये दिल है मेरा किसी और पर हम मरते,
क्यों फेंक दिया तेजाब मुझ पर।
मैं भी इस देश की बेटी हूं,
कुछ फ़र्ज़ था तुझ पर।

कितना सुन्दर चेहरा था मेरा,
जलाकर राख कर दिया,
देखे जो सपने उसे भी खाक कर दिया।
गुनाह बस इतना था
कि हम तुमसे प्यार नहीं करते,
कितनी प्यारी आंखें थी,
ना जाने कितने सपने थे।

समझ ना पाए कौन पराया
और कौन अपने थे,
ज़माना कितना बदल गया,
सड़कों पर चलना दुस्वार हो गया।
तेजाब को पानी समझते हैं,
जब चाहें तब फेंक देते हैं।

कौन रोकेगा इन्हें कोई बताए,
हम भी सपने देखते हैं।

Acid Attack Thoughts In Hindi – नारी का हाल

देखकर मैं उसे चौंक सा गया,
जिस्म में मेरे बिजली सा दौड़ गई,
अचानक सा क्या हो गया,
देख सारा मोहल्ला इक्कठा हो गया।

बाहर खड़ी रो रही थी फुट फुटके,
तड़पने की आवाज आ रही थी,
चेहरा झुलस गया था उसका,
पग ऐसे थे मानो जमीं हिल रही थी,
हुआ मालूम किसी ने तेजाब फेंक दिया था।

कर बरसात तबाह कर दिया,
उसका हर सपना बर्बाद कर दिया,
देखो तन बेहाल हो गया,
दर्द में क्या हाल हो गया।

क्यों बेचते हैं बाजारों में,
पानी समझ कर लोग इसे,
हजारों में बोतल भरके बिकता है,
ना करे कोई प्यार किसी से,
क्या कोई जबरदस्ती है,
नारियों की जान नहीं सस्ती है।

अधेड़ उम्र थी उसकी,
समझकर कुछ तो शर्माता,
नादान थी वो बच्ची,
बच्चा समझ घर छोड़ जाता,
जला कर क्या पाया उसने,
बस धिक्कारा है हम सबने।

मैं बेटी समान हूं आपके,
छोड़ दो मुझे नादान समझ के,
ये राम सीता की भूमि है,
नारी का सम्मान करो,
अपने समाज में नाम करो,
छोड़ गंदे काम ये तुम,
नारी का सम्मान करो तुम।

– कवि राहुल

Conclusion :

एसिड अटैक गर्ल की पीड़ा व्यक्त करने के लिए हमने Hindi Poetry On Acid Attack का Collection पेश किया। हमने नारी की पीड़ा को अपने शब्दों में बयां करने की पूरी कोशिश की। उम्मीद है इन्हें पढ़कर आपकी आंख में भी आंसू जरूर आये होंगे। ये एसिड अटैक कविताएं पढ़के आपको कैसा लगा और आपके क्या विचार हैं, ये हमने कमेंट करें। अगर आप और भी किसी टॉपिक पर हिंदी Poetry पढ़ना चाहते हैं, तो कमेंट में बताएं। हम जरूर उस विषय पर कविता लेकर प्रस्तुत होंगे। ऐसी ही हिंदी कविताओं और हिंदी शायरी के लिए हमारी Website को जरूर Subscribe करें।

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