Best Father’s Day Poem In Hindi For All Sons | Poem On Father

Best Father's Day Poem In Hindi For All Sons | Poem On Father
Best Father's Day Poem In Hindi For All Sons

Best Father’s Day Poem In Hindi For All Sons | Poem On Father

पिता पर कविता इंटरनेट पर बहुत कम देखने को मिली। इसीलिए आज हम Best Father’s Day Poem हिंदी में लेकर आए हैं। जिस तरह मां हमारे लिए जरूरी शख्स है ठीक उतना ही जरूरी शख्स हमारे लिए पिता होता है। बस पिता एक ऐसी शख्सियत होती है, जिसकी जिम्मेदारियों के पीछे हम उनकी तकलीफ नहीं देख पाते। जैसा कि जल्द father’s day आने वाला है, जिसके लिए कविताएं search की जाएगी। इसीलिए हमारे रचनाकारों ने आज Father Poem हिंदी में लिखी है। पिता के लिए पूरी feeling के साथ हर सम्भव प्रयास करके कविताएं लिखने की कोशिश की है। उम्मीद है आज की Hindi Poems आपके दिल तक जरूर पहुंचेगी। अगर सही में पसन्द आये, तो link को share जरूर करना। चलिए पढ़ते हैं आज की पिता पर कविताएं।

Father’s Day Poem – मेरे पापा

माँ मेरा घर बार तो पूरा संसार है मेरे पापा,
सिन्दूर मेरी माँ का सारा सिंगार है मेरे पापा।

माँ जो बनाती है रोटी हाथों से रसोई में,
वो रोटी बाहर से कमा के लाते हैं मेरे पापा।

हमारी दो वक्त की सकूँ की रोटी की खातिर,
मेहनत की आग में खुद को जलाते हैं मेरे पापा।

दुःख़ में माँ के आँखों से आंसू का समंदर छलकता है,
आँखों में आंसुओं के समंदर समेटे होते हैं मेरे पापा।

सब झूठ कहते हैं कि मर्द को कभी दर्द नहीं होता,
ज़िन्दगी की जद्दोजहद में तन्हाई में रोते हैं मेरे पापा।

Best Father's Day Poem In Hindi For All Sons | Poem On Father
Best Father’s Day Poem In Hindi For All Sons

परिवार को सदा बेहतर देने की चाह की ख़ातिर,
ज़िन्दगी को अपने बदतर बनाते हैं मेरे पापा।

परिवार की खुशियाँ की खातिर इस जहां में,
अपना जीवन भी दांव पर लगाते हैं मेरे पापा।

माँ लाई है मुझे जहां में कितने कष्ट सहकर,
पर अपना नाम कमाना सिखाते हैं मेरे पापा।

मुसीबतों की आंधियों ने जब जब डराया हमें,
खुद बन के चट्टान घर को बचाते हैं मेरे पापा।

जिंदगी की राह में “देवदूत” हम लड़खड़ाते रहते हैं,
थाम उँगलियों को चलना सिखाते हैं मेरे पापा।

– राम सिंगार “देवदूत”

Father’s Day Poem In Hindi – मेरा स्वाभिमान मेरे पापा

हाथ में आपके डोर,
मैं उड़ता गगन की ओर,
मेरे सिर पर पापा आपका हाथ रहे,
मेरा जीवन सदा आपके साथ रहे।

हाथ में उँगली थामकर,
सामाजिक दुनिया देखी,
अपने स्नेह भाव से मेरी तक़दीर लिखी,
मैं अक्षर आप कितना बनके साथ रहे,

Papa Status In Hindi

Maa Poem In Hindi

मेरे सिर पर पापा आपका हाथ रहे,
मेरा जीवन सदा आपके साथ रहे।

बन जाते मेरी ढाल जब आये संकट,
हृदय इतना कोमल शरमा जाए पंकज,
मेरे स्वाभिमान में आपकी ठाट रहे,

मेरे सिर पर पापा आपका हाथ रहे,
मेरा जीवन सदा आपके साथ रहे।

प्यारी सी मुस्कान लचीला है अंदाज,
कोयल से भी मोहक लगती है आवाज़,
मेरी बातों में आपकी ही बात रहे,

मेरे सिर पर पापा आपका हाथ रहे,
मेरा जीवन सदा आपके साथ रहे।

– जितेन्द्र “हमदर्द”

Poem On Father – पिता पहचान है

पिता एक भक्ति है शक्ति है,
एक प्यार है और दुलार है,
पिता सम्बल है तो संयम है,
संकट में एक पतवार है।

पिता एक जीवंत सपना है,
ये है तो जो चाहा वो अपना है,
पिता सुरक्षा है और दीक्षा है,
इनकी शिक्षा है तो परीक्षा है।

पिता एक आस है जीवन की तलाश है,
ये है तो आसमान भी लगता पास है,
पिता इच्छा है चुभती धूप में छांव है,
यही हिम्मत है मेरी मेरा विश्वास है।

Mata Pita Poem In Hindi

पिता परिवार के राजा है,
ये संग है तो जीवन में रंग है,
पिता बच्चों के सर का ताज है,
कोई डर नहीं जब ये संग है।

पिता एक मान है हमारा सम्मान है,
एक अभिमान है और स्वाभिमान है,
पिता ही शान है मेरी दुनिया में,
इनसे ही हमारी सच में पहचान है।

– प्रमोद कुमार चौहान

Poem On Father In Hindi – खुशनसीब है वो बच्चे

बड़े खुशनसीब है वो बच्चे,
जिनके सिर पे बाप का साया होता है,
बिन बाप के बच्चों लिए तो,
सारा जहाँ पराया होता है।

कभी गौर से देखो पिता में भी,
भगवान समाया होता है,
बड़े खुशनसीब है वो बच्चे,
जिनके सिर पे बाप का साया होता है,
बिन बाप के बच्चों लिए तो,
सारा जहाँ पराया होता है।

उंगली पकड़कर जिसकी तुमने चलना सीखा,
उन्हें ही देखकर जिंदगी में आगे बढ़ना सीखा,
बेशक नाम उनका सारी जिंदगी,
तुम पे बादल सा छाया होता है,

बड़े खुशनसीब है वो बच्चे,
जिनके सिर पे बाप का साया होता है,
बिन बाप के बच्चों लिए तो,
सारा जहाँ पराया होता है।

तुम खुश रहो इस सोच में,
वो चैन से सोता नहीं,
दिखता है जैसा बाहर से,
पिता अंदर से वैसा होता नहीं,
उसके दिल में चाहे कितना भी दर्द हो,
लेकिन सामने कभी रोता नहीं,

बड़े खुशनसीब है वो बच्चे,
जिनके सिर पे बाप का साया होता है,
बिन बाप के बच्चों लिए तो,
सारा जहाँ पराया होता है।

Father’s Day Par Kavita – पिता का दर्जा महान है

है माँ अगर स्नेह का दरिया,
तो पिता स्वाभिमान है,
माँ ने है जो जन्म दिया तो,
पिता से ही दुनिया में पहचान है।

माता पिता बच्चों के लिए,
जीता जागता वरदान है,
बिना मां बाप के बच्चों का,
सूना होता ये जहान है।

माँ बच्चों के लिए है धरती सी,
पिता सर पे अपने आसमान है,
कभी भी पिता का निरादर न करो,
पिता ही तो अपना भगवान है।

जितना भी हो सके तुम,
पिता का सम्मान करो,
अपनी जी जान से तुम,
पिता के पूरे अरमान करो,

जो माता पिता को खुश रखे,
उस पे खुश रहता ये भगवान है,
इस धरती पे मौजूद हमारे,
माता पिता ही भगवान है।

– गुरदित सिंह

Pita Par Kavita – वो पिता हमारे हैं

सूरज से भी तेज ज्योत है उनमें,
उन्होंने जीवन सुधारे हैं,
पग पग पर खुशियां देते,
वो पिता हमारे हैं।

लहू को पसीना बनाकर अपना,
हर ख्वाब मेरे संवारे हैं,
दी है हरदम छाया मुझको,
संघर्ष में पल गुजारे हैं,
पग पग पर खुशियां देते,
वो पिता हमारे हैं।

Pita Par Kavita
Pita Par Kavita

रंज में मुझे देख नहीं सकते,
वो ग़म से मुझे उबारे हैं,
दौड़कर अपना हाथ बढ़ाते,
जब जब दी पुकारे हैं,
पग पग पर खुशियां देते,
वो पिता हमारे हैं।

मौज में है जीवन अपना,
हम उनके राज दुलारे हैं,
समृद्ध है जी का उपवन क्योंकि,
पिताजी साथ हमारे हैं,
पग पग पर खुशियां देते,
वो पिता हमारे हैं।

Pita Poetry In Hindi – वो तो मेरे जनक हैं

उंगली पकड़ कर जिसके,
हमने चलना सीखा है,
जिसकी छाया में पलके,
अद्भुत संसार देखा है।

कोई और नहीं वो शख्स,
वो तो मेरे जनक हैं,
सूरत उनकी है इस दिल में,
हम उनके बालक हैं।

संघर्षशील क्षमा दया का,
बीज है जिसने बोया,
तरु है वो ऐसा जिसके,
छांव में हर गम सोया।

खुशियों का हर पहलू जिससे,
मौजों की महक है,
कोई और नहीं वो शख्स,
वो तो मेरे जनक हैं,
सूरत उनकी है इस दिल में,
हम उनके बालक हैं।

सर पर सदैव हाथ है जिसका,
सत्य बोध जिसने कराया,
जीवन धन्य है जिसकी बदौलत,
ज्ञान दीप जिसने जलाया,
बेटा हूं मैं उनका,
उनका मुझ पर हक है,

कोई और नहीं वो शख्स,
वो तो मेरे जनक हैं,
सूरत उनकी है इस दिल में,
हम उनके बालक हैं।

– दिग्विजय सिंह

Papa Par Kavita – मेरे पापा महान है

मेरे पापा महान है,
दिखाया ये सारा जहान है,
पैरों पर पैर रखकर चलना सिखाया,
खुद खाकर ठोकर हमको बचाया,
जब कभी रूठते हम,
लेकर हमको ईधर से उधर घुमाया।

बड़े होकर क्यूं भूल जाते हैं,
कितनी चोट लगती होगी उन्हें,
सोचते होंगे कैसे छोड़ गए हमको,
हमने जिनको चलना सिखाया।

मैं तो उनका प्यारा हूं,
जग में सबसे न्यारा हूं,
गलती को माफ करना,
उसने ही तो सिखाया।

बेटा हूं आपका मुझे माफ कर देना,
गिले शिकवे सब भुला देना,
हर मुश्किलों से हमको बचाया,
सदा रहे सर पे तुम्हारा हाथ,
इनसे ही तो हमारी शान है,
सच में मेरे पापा महान है,
दिखाया ये सारा जहान है।

– राहुल

Conclusion :

जैसा कि इंटरनेट पर पिता के लिए कविता ज्यादा नहीं थी। इसीलिए हमने Father’s Day Poem हिंदी में पोस्ट की। ये हिंदी कविताएं बिल्कुल latest लिखके शेयर की है। आपको पिता के लिए अच्छे दिल को छूने वाले भाव कविताओं में मिले होंगे। एक पिता के लिए भाव व्यक्त कर पाना बड़ा कठिन काम था। लेकिन ये हमारा एक छोटा सा प्रयास था। अब इसमें हम सफल कितने रहे ये आप कमेंट बॉक्स में बताएं। अगर ये Father Poems पसन्द आई हो, तो अभी share कर दीजिए। साथ ही किसी भी विषय पर हिंदी कविता की फरमाइश हो, तो उसे भी बयां कर दें। हम जल्द ही ऐसे टॉपिक पर कविताएं पोस्ट करेंगे।

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