26 January Hindi Poetry 2020 | 26 January Kavita

26 january hindi poetry
26 january hindi poetry

26 January Hindi Poetry 2020 | 26 January Kavita

हेलो, Hindi Kavita की series में आज हम आपके लिए “26 January Hindi Poetry 2020, 26 January Kavita” लेकर आये हैं। ये हिंदी कविता खासतौर पर 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के लिए हमारे रचनाकारों द्वारा लिखी गई है। 26 जनवरी पर कविता के लिए ये खास इसलिए है, क्योंकि इन्हें हाल ही में लिखा गया है। अगर आपको ये Hindi Poetry पसन्द आये, तो अपने दोस्तों के साथ इस 26 जनवरी तक ज्यादा से ज्यादा share करें।

हमारे दिल में बस हिन्द की ज्योति जली है,
जो इश्क सिखाती है वो मुल्क की ज़मीं है,
जो सीमा पर तैनात है हमारे मुल्क के जवान,
उन्होंने वतन की बागडोर सम्भाल रखी है।

वतन का जिसमें उबलता जोश भरा है,
वही सियाचिन के पहाड़ों पर चढ़ा है,
तिरंगे का मान रखने के लिए जवान,
सरहद पर आखरी सांस तक लड़ा है।

26 january hindi poetry
26 january hindi poetry

ना वह आग था ना ही वो तूफान था,
उबलते हुए लहू की तरह जवान था,
जिसने फिरंगियों की नींदे उड़ा रखी थी,
झुल गया फांसी वो भगत सिंह महान था।

– अजय वर्मा

दुश्मन कांपे जुबां में ऐसी ललकार होनी चाहिए,
रूह वापस लौट आये ऐसी पुकार होनी चाहिए,
अकेले सैनिक ही किस-किस को बचाएंगे यहाँ,
अब तो अच्छे लोग अच्छी सरकार होनी चाहिए।

देश की आन बान शान है तिरंगा,
सैनिकों का यही सम्मान है तिरंगा,
हम सब का ईमान है तिरंगा,
शहीदों की पहचान है तिरंगा।

तपतपाती धूप में खड़े रहते हैं,
अंधेरो में दुश्मनों से लड़े रहते हैं,
देश को बचाने के लिए सरहद पर,
हमेशा सैनिक ही आगे बढ़े रहते हैं।

– मनोज शर्मा

26 January Kavita

इस मातृभूमि का हम मान रखते हैं,
न झुकेगा तिरंगा पूरा ध्यान रखते हैं,
नहीं डरते किसी से हम सुन ले दुश्मन,
हिन्दवासी करतल पर जान रखते हैं।

महकी शाम खूबसूरत सा सवेरा हो,
वतन में मेरे खुशियों का डेरा हो,
प्रार्थना मुझें इस बात की है माँ
कभी गर मैं मरूँ तो आँचल तेरा हो।

करते हैं इबादत अमन के लिए,
चली जाए जां ऐ वतन के लिए,
मुझे इक यही है तमन्ना खुदा,
मिले ये तिरंगा कफ़न के लिए।

– शिवाजी सेन “गोल्ड”

भारत की एकता अन्य देशों से निराली है,
एक साथ सभी को लेकर चलने वाली है,
जो चंद दुश्मन नजर उंगली उठाते हम पे,
उतने तो भारत संविधान रखने वाली है।

सिर्फ भारत पंथ निरपेक्ष देश है,
जिसे देखकर जल रहा विदेश है,
भारत सविंधान मे कमी जो देखें,
समझना उसमें अनुवांशिक द्वेष है।

गुल यहां कई खिलते हैं,
प्रभु भी आने को तरसते हैं,
देश के संविधान के कारण,
यहां सभी प्यार से रहते हैं।

– अंशु

26 January Hindi Poetry

26 january kavita
26 january kavita

मैं ख़ून से रंग सकता हूँ तेरी खातिर वतना वे,
दुनिया से लड़ सकता हूँ तेरी खातिर वतना वे,
जिस मातृ भूमि पे जन्म लिया है हमने,
दुश्मन से भी अड़ सकता हूँ तेरी खातिर वतना वे।

अपनी जान की परवाह इक बार नहीं करता,
अपने वतन की ख़ातिर सौ बार हूँ मैं मरता,
मेरी हर नश में और सांस में हिन्दुस्तां है,
कोई भी हो दुश्मन मेरा हिन्दुस्तां नहीं डरता।

– अगस्त्य नामदेव “दर्पण”

भारत के वीर शहीदों की गाथा,
कि मैं क्या सुनाऊं तुम्हें कहानी,
जीवन उनका बलिदान वतन पर,
सुनकर आंखों में आ जाए पानी।

कोई घात करे इस वतन पर,
तो आग भडकने लगती है,
जलता अंदर है खून हमारा,
और आंखे तपने लगती है।

मेरे हिंद के वासी ये हिंद तुम्हारा,
आजादी में हो जय हिंद हमारा,
भूल नही जाना कभी वीर को,
जिसने अपना इस पे जीवन हारा।

– हिमांशु कुमार सागर

तो guys, आज की hindi poetry series में हमने “26 January Hindi Poetry 2020, 26 January Kavita” आपके साथ शेयर की। उम्मीद है 26 जनवरी के लिए कविता आपको पसन्द आई होगी। ऐसी ही hindi poetry के लिए email id डालके वेबसाइट को जरूर subscribe करें।

Read More Hindi Poetries

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here