2 Line Bewafa Shayari For Status | 2 Line Shayari On Bewafa

2 Line Bewafa Shayari For Status
2 Line Bewafa Shayari For Status

2 Line Bewafa Shayari For Status | 2 Line Shayari On Bewafa

आज की इस पोस्ट 2 Line Bewafa Shayari For Status में जो शायरियां लिखी गई है, ये हमारे शायर ने latest लिखी है। 2 Line Shayari की सीरीज में बेवफा Topic पर हम शायरियां लेकर प्रस्तुत हुए हैं। प्यार में बेवफाई हासिल होने पर वफादार आशिक के मन में क्या Feeling पैदा होती है आपको इन शायरियों में पढ़ने को मिलेगी। True Feel Hindi के सभी शायर ने बखूबी 2 Line Shayari On Bewafa पर अपनी कलम को चलाया है। उम्मीद है आज की ये शायरियां आपको जरूर पसन्द आने वाली है। अगर ये बेवफा शायरी का Collection आपको पसन्द आये, तो Facebook और Whatsapp पे हमारी पोस्ट को जरूर share करें।

2 Line Bewafa Shayari – एक बेवफा का घर मिलेगा

खबर आई है वो पहले से और भी खूबसूरत दिखने लगे हैं,
लगता है बेवफाई करते करते उसकी अब पदोन्नति हो गई है।

khabar aayi hai vo pahale se aur bhi khubsurat dikhne lage hain,
lagta hai bewafai karte karte uski ab padonnati ho gayi hai.

पास थी तो कभी अहसास नहीं हुआ,
वो बेवफाई करेगी हमें विश्वास नहीं हुआ।

pas thi to kabhi ahsas nahi hua,
vo bewafai karegi hame vishvas nahi hua.

ज़माने से छुपाना इस बात को बेकार था तेरा,
दुनिया जानती है तू बेवफा प्यार था मेरा।

zamane se chhupana is bat ko bekar tha tera,
duniya janti hai tu bewafa pyar tha mera.

बहार के फूल पतझड़ में सफा हो जाते हैं,
पता है वक्त के साथ सब बेवफा हो जाते हैं।

bahar ke phool patjhad me safa ho jate hain,
pata hai waqt ke sath sab bewafa ho jate hain.

दिल से तो वो बेवफा नादान सी बच्ची थी,
छोड़ती तो नहीं मगर उसूलों की पक्की थी।

dil se to vo bewafa nadan si bachchi thi,
chhodti to nahi magar usulo ki pakki thi.
2 Line Bewafa Shayari For Status
2 Line Bewafa Shayari For Status

बड़े चैन से सोए थे वो हमको बर्बाद करके,
हम रातभर रोये एक बेवफा को याद करके।

bade chain se soye the vo hamko barbad karke,
ham ratbhar roye ek bewafa ko yad karke.

सुबह शाम मिलकर क्या खूब प्यार देती थी,
पास आकर एक बेवफा हमको मार देती थी।

subah sham milkar kya khub pyar deti thi,
pas aakar ek bewafa hamko mar deti thi.

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सीधा ही चले जाओ आगे एक शहर मिलेगा,
सबसे पहले तुम्हें एक बेवफा का घर मिलेगा।

sidha hi chale jao aage ek shahar milega,
sabse pahle tumhe ek bewafa ka ghar milega.

2 Line Shayari On Bewafa – बेवफा को मेरी याद आती होगी

अब उस बेवफा से मिलने तू क्या जाएगा आकाश,
देख धरती बहुत दूर है और तू चंदा सूरज के पास।

ab us bewafa se milne tu kya jayega aakash,
dekh dharti bahut dur hai aur tu chanda suraj ke pas.

दर्शन न मिले उम्र सारी मंदिरों के हवाले करके,
प्यासे मर गए प्यास समंदरों के हवाले करके।

darshan na mile umra sari mandiro ke havale karke,
pyase mar gaye pyas samandaro ke havale karke.

एक राजा था एक रानी थी कहानी बच्चों को सुनाती होगी,
जब कभी शाम ढले उस बेवफा को मेरी याद आती होगी।

ek raja tha ek rani thi kahani bachcho ko sunati hogi,
jab kabhi sham dhale us bewafa ko meri yad aati hogi.

ज्यादा नहीं बस कुछ पल हमारे लिए भी बर्बाद कर लिया करो,
पता नहीं कौन कब चला जाए थोड़ा हमें भी याद कर लिया करो।

jyada nahi bas kuchh pal hamare liye bhi barbad kar liya karo,
pata nahi kaun kab chala jaye thoda hame bhi yad kar liya karo.

– मिस्टर आकाश “दीवाना तेरा”

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रहने लगा था मैं तुझसे पहले से ही ख़फ़ा ख़फ़ा,
मुझे पता था कि तू निकलेगी एक दिन बेवफ़ा।

rahne laga tha main tujhse pahle se hi khafa khafa,
mujhe pata tha ki tu nikalegi ek din bewafa.

वो बेवफा आज भी राह पर किसी का इंतज़ार कर रही है,
लगता तो है वो किसी न किसी और से प्यार कर रही है।

vo bewafa aaj bhi rah par kisi ka intzar kar rahi hai,
lagta to hai vo kisi na kisi aur se pyar kar rahi hai.

नहीं रख सकता तुझ पे यक़ीन कुछ दिन और,
मुझे पता है आज कल बेवफ़ाई का है दौर।

nahi rakh sakta tujh pe yakin kuchh din aur,
mujhe pata hai aaj kal bewafai ka hai daur.

जब से गई हो छोड़ के तब से ज़माना कोस रहा है,
बेवफ़ा तेरी बेवफ़ाई के बाद मुझे कहाँ होश रहा है।

jab se gayi ho chhod ke tab se zamana kos raha hai,
bewafa teri bewafai ke bad mujhe kaha hosh raha hai.

Bewafa 2 Line Shayari – बेवफ़ा से आजकल मिलना छोड़ दिया

तेरे जाने के बाद मैंने हँस के खिलना छोड़ दिया है,
मैंने तेरे जैसी बेवफ़ा से आजकल मिलना छोड़ दिया है।

tere jane ke bad maine hanske khilna chhod diya hai,
maine tere jaisi bewafa se aajkal milna chhod diya hai.

दिल में मेरे तूफ़ां उठा था जब तू मुझे छोड़ के गई थी,
वफ़ा की उम्मीद थी मग़र बेवफा दिल तोड़ के गई थी।

dil me mere tufan utha tha jab tu mujhe chhod ke gayi thi,
wafa ki ummid thi magar bewafa dil tod ke gayi thi.

मैं आज भी उसका ही इंतज़ार करता हूं,
खुद से ज़्यादा बेवफा से प्यार करता हूं।

main aaj bhi uska hi intzar karta hun,
khud se zyada bewafa se pyar karta hun.

उस बेवफा को न पाना है ना ही चाहता हूं,
फिर भी अपने प्यार का इज़हार करता हूं।

us bewafa ko na pana hai na hi chahta hun,
phir bhi apne pyar ka izhar karta hun.

मुझे पता है वो फिर मुझे धोखा ही देगी,
इसलिए बेवफ़ाई उससे मैं स्वीकार करता हूं।

mujhe pata hai vo phir mujhe dhokha hi degi,
isliye bewafai usse main svikar karta hun.

थोड़ी उम्मीद है वो बेवफ़ा वफ़ा करेगी मुझसे,
करेगी जरूर इसलिए दिल बेक़रार करता हूं।

thodi ummid hai vo bewafa wafa karegi mujhse,
karegi jarur isliye dil bekrar karta hun.

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हर सफर पर बेवफा के साथ जाना चाहता है मनोज,
मगर मैं तुझे उसके साथ जाने से इन्कार करता हूं।

har safar par bewafa ke sath jana chahta hai manoj,
magar main tujhe uske sath jane se inkar karta hun.

– मनोज शर्मा “एम एस”

Bewafa Shayari In 2 Line – बेवफ़ाई का मंजर निकला

पुरानी किताब में तेरा दिया एक गुलाब निकला,
आँखों से फिर से तेरी बेवफ़ाई का सैलाब निकला।

purani kitab me tera diya ek gulab nikla,
aankho se phir se teri bewafai ka sailab nikla.

जब मेरा जनाज़ा दिलदार की गली से निकला,
मेरे जनाज़े के बहाने वो यार से मिलने निकला।

jab mera janaza dildar ki gali se nikla,
mere janaze ke bahane vo yaar se milne nikla.

आज महफ़िल में तेरी बेवफ़ाई का फ़साना निकला,
काबिल न था मैं उसके होठों से यही बहाना निकला।

aaj mahfil me teri bewafai ka fasana nikla,
kabil na tha main uske hotho se yahi bahana nikla.

बेवफ़ाई के जख्म मैं दिखाऊँ किस किस को,
ज़माना है क़ातिल मेरा बताऊँ किस किस को।

bewafai ke jakhm main dikhaun kis kis ko,
zamana hai katil mera bataun kis kis ko.

मुझे दुःख है इस बात से इस जनम में तुम मेरे न हुए,
तुम्हे मिल ही गया अपना क्या हुआ जो हम तेरे न हुए।

mujhe duhkh hai is bat se is janam me tum mere na hue,
tumhe mil hi gaya apna kya hua jo ham tere na hue.

गम नहीं है मुझे की मेरी उससे अब बहुत दूरी है,
मुझे पता चला उसको दिल बदलने की मजबूरी है।

gam nahi hai mujhe ki meri usse ab bahut duri hai,
mujhe pata chala usko dil badalne ki majburi hai.

क्या कमी थी मुझमें ज़रा कह तो दिया होता,
खुद को खोल कर तेरे सामने रख दिया होता।

kya kami thi mujhme zara kah to diya hota,
khud ko khol kar tere samne rakh diya hota.

एक हाथ में गुलाब दूसरे में उसके खंजर निकला,
रूह कांपती है मेरी कैसे बेवफ़ाई का मंजर निकला।

ek hath me gulab dusre me uske khanjar nikla,
ruh kampti hai meri kaise bewafai ka manjar nikla.

– राम सिंगार “देवदूत”

Two Line Shayari On Bewafa – अपनो में निकला बेवफ़ा

यहां उसके चाहने वाले हजार थे,
उसका बेवफ़ा होना लाज़मी था।

yaha uske chahne vale hajar the,
uska bewafa hona lazmi tha.

वो बेवफ़ा है उसकी ख़ता नहीं,
हमने हद से ज्यादा चाहा था उसे।

vo bewafa hai uski khata nahi,
hamne had se jyada chaha tha use.

नाज़ ना कर तू बेवफा होके,
देख ले अब भी मैं सफर में हूं।

naz na kar tu bewafa hoke,
dekh le ab bhi main safar me hun.
2 Line Shayari On Bewafa
2 Line Shayari On Bewafa

उस बेवफा के जाने से ज्यादा,
उम्मीदें टूटने का रंज ज्यादा है।

us bewafa ke jane se jyada,
ummide tutne ka ranj jyada hai.

तेरी बेवफ़ाई से शिकवा नहीं,
अपनी वफ़ा से ग़मज़दा हूं।

teri bewafai se shikva nahi,
apni wafa se gamzada hun.

वफाओं का किसी ने मोल तक न पूछा,
बेवफ़ाई यहां हाथो हाथ बिक रही थी।

wafaon ka kisi ne mol tak na puchha,
bewafai yahan hatho hath bik rahi thi.

तेरा कोई एक तलबगार होता,
तुझे बेवफ़ाई की खबर भी न होती।

tera koi ek talabgar hota,
tujhe bewafai ki khabar bhi na hoti.

यहां वफाओं का बदला बेवफ़ाई है,
चलो जफ़ा करके देखें शायद वफ़ा मिले।

yahan wafaon ka badla bewafai hai,
chalo jafa karke dekhe shayad wafa mile.

मेरे अपनो में निकला यूँ बेवफ़ा कोई,
हमे बुझा के दिल जला गया कोई।

mere apano me nikla yun bewafa koi,
hame bujha ke dil jala gaya koi.

पछता रहा है मुझसे बेवफ़ाई करके वो आजकल,
जो भी मिला जिस्म तक कोई दिल तक नही गया।

pachhta raha hai mujhse bewafai karke vo aajkal,
jo bhi mila jism tak koi dil tak nahi gaya.

– राजेश कनोजिया

Bewafa Two Line Shayari – बेवफाई कहाँ छुपा रखी थी

आज जुड़ा एक और किस्सा बेवफाई का,
ज़माने में बेवफाओं की कमी थी शायद।

aaj juda ek aur kissa bewafai ka,
zamane me bewafaon ki kami thi shayad.

दिल तोड़ना ही था ज़ालिम तोड़ जाती,
मुझे बोल तो देती बात घर ही में रह जाती।

dil todna hi tha zalim tod jati,
mujhe bol to deti bat ghar hi me rah jati.

वफाओं की नुमाईश लगा रखी थी,
ज़ालिम बेवफाई कहाँ छुपा रखी थी।

wafaon ki numaish laga rakhi thi,
zalim bewafai kaha chhupa rakhi thi.

क्यों देर लगा दी इतनी सी बात कहने में,
दम घुट रहा है तुम्हारे साथ रहने में।

kyon der laga di itni si bat kahne me,
dam ghut raha hai tumhare sath rahne me.

तेरी बेवफाई ज़माने से कह नहीं सकता,
मैंने तुझसे कसम वफा की जो खाई है।

teri bewafai zamane se kah nahi sakta,
maine tujhse kasam wafa ki jo khai hai.

दी कसम वफा की खुद बेवफा हो गई,
भुला नहीं मैं अभी तक तू कैसे भुला गई।

di kasam wafa ki khud bewafa ho gayi,
bhula nahi main abhi tak tu kaise bhula gayi.

होड़ वफादारों में है बेवफाओं में नहीं,
ज़ालिम बेवफा तो मिल जाएंगे हर कहीं।

hod wafadaro me hai bewafao me nahi,
zalim bewafa to mil jayenge har kahi.

बेवफाई के किस्से सुने थे अब तक,
आज तुने रुबरू भी करा दिया मुझसे।

bewafai ke kisse sune the ab tak,
aaj tune rubaru bhi kara diya mujhse.

लगता है तू इतनी काबिल हो गई है,
बेवफाओं में शामिल हो गई है।

lagta hai tu itni kabil ho gayi hai,
bewafaon me shamil ho gayi hai.

इस वफादार को भुला ना पाएगी,
बेवफा तू जब जब ठोकर खाएगी।

is wafadar ko bhula na payegi,
bewafa tu jab jab thokar khayegi.

– कैलाश वशिष्ठ “के सी”

Conclusion : तो दोस्तों आज की 2 Line Shayari की सीरीज में हमने बेवफा शायरी प्रस्तुत की। आपको इस पोस्ट 2 Line Bewafa Shayari For Status में बताई गई शायरियां कैसी लगी हमे कमेन्ट बॉक्स में जरूर बताएं। वैसे आज की शायरियों में हमारे शायर ने बेवफा सनम के लिए एक वफादार आशिक की feeling को बयां किया। भले ही ये शायरियां 2 लाइन की थी, पर इनमें जो भाव छुपा है वो बहुत ही गहरा था। ऐसी ही शायरियां पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट को subscribe जरूर कर लें और अपनी फरमाइश कमेन्ट में बताएं। हम हर रोज यहां पर अच्छी अच्छी latest शायरियां लेकर प्रस्तुत होते हैं।

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