100+ Bewafa Shayari In Hindi | Bewafai Shayari | Sad Shayari

Bewafa Shayari
Bewafa Shayari

100+ Bewafa Shayari In Hindi | Bewafai Shayari | Sad Shayari

दोस्तों आज Sad शायरी की कड़ी में हम 100+ Bewafa Shayari In Hindi लेकर आए हैं। आप तो जानते ही हैं कि हम पहले भी बेवफ़ाई पर शायरी प्रस्तुत कर चुके हैं। उस पर आपका अच्छा response देखते हुए आज हमारे शायर ने फिर 2 लाइन बेवफा शायरी लिखी है। इन शायरियों में प्यार में धोखा मिलने को बेवफ़ाई के दर्द के साथ बखूबी लिखा गया है। आपको बताना चाहेंगे कि ये शायरियां Latest है, जिन्हे हाल ही में लिखा गया है। उम्मीद करते हैं ये Shayari On Bewafa आपके दिल को छू के गुजरने वाली है। इसीलिए अगर दिल को छूने में कामियाब रहें, तो Share करना बिल्कुल भी ना भूलियेगा।

Bewafa Shayari – तुझसे कभी दिल ना लगाते

मुझसे बेवफ़ाई कर के आज भी वो ज़िंदा है,
दिल ने उसको चाहा क्यों ये सोच के शर्मिंदा है।


ये प्यार इश्क और मोहब्बत तुम्हे क्यों रास आयी है,
है ये बस दिल बहलाने के नुस्खे, गम और बेवफ़ाई है।


अपनी यादों में मुझसे कही तेरी हर बात को रहने दिया,
तेरी बेवफ़ाई की रात को हमने आखिरी रात रहने दिया।


तेरी बाहों की कैद माँगी तूने रिहाई दे दी।
वफ़ा की उम्मीद थी मुझे तूने बेवफ़ाई दे दी।

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तेरे क़ातिल इरादों को बेवफ़ा काश हम पहचान पाते,
ख़ुदा की कसम बेवफ़ा तुझसे कभी दिल ना लगाते।


ऐ दिल मुझे ले चल वहाँ उसकी जहाँ परछाई न हो,
नफरतों की दुनिया में चल जहाँ प्यार, बेवफ़ाई ना हो।

⇒ 2 Line Bewafa Shayari

- राम सिंगार "देवदूत"


मैं दुनिया के सारे दर्द सह लेता तू वफ़ा तो करती,
अब तो एक ग़म ना सह पाऊंगा तेरी वेबफाई में।


हम रात भर जगते रहे उस वेबफ़ा की याद में,
वो भी जागती रही किसी और की याद में।


कभी कभी तो खुद में कमी महसूस करता हूं,
कि वो वेबफ़ा नहीं थी मैंने प्यार में कमी की थी।


ग़म बहुत था सीने में मगर यारों बताएं कैसे,
उस बेवफ़ा का नाम लेने से ज़ुबान गंदी होती है।


मेरे वफ़ा करने के बाद जब मुझको आंसू मिले,
परवरदिगार से डर बेवफा़ई मे तेरा इंतकाम होगा।


मेरे होश उड़ गये थे वेबफा़ को किसी और का होता देख,
जिसने कल सीने में सर रखकर कहा था तुम सिर्फ़ मेरे हो।

- अम्बिका प्रसाद पाण्डेय "अंशु"

Bewafa Shayari In Hindi – मर गई वो बेवफा

इश्क़ में मिले दर्द की मिलती नहीं दवाई,
मेरी मोहब्बत सच्ची थी पर कर गई बेवफ़ाई।


झूठा आरोप लगाकर गई वो बेवफ़ा,
उस दिन से मेरे लिए मर गई वो बेवफ़ा।


बेवफ़ा ने जो दर्द दिया वो किसी ज़हर से कम नहीं,
ऐसा लग रहा है ख़ुदा कि किसी क़हर से कम नहीं।


वो मेरे दर्द को जान ही नहीं पाई,
बेवफ़ा ऐसा दर्द ही देके गई भाई।


मेरी जान क्यूं ख़फ़ा हो गई तू ये तो बता मुझे,
बेवफ़ा तो तू है फिर भी तू आके यहाँ सता मुझे।


बेवफा मेरे प्यार में किसी के ख़्वाब बुनती रही,
जब ये बात उससे पूछी तब वो बस सुनती रही।


उम्मीद थी वफ़ा की इसलिए तो प्यार किया था,
फिर बेवफ़ा न जाने क्यों मुझ पे वार किया था।


मैं नहीं चाहता था कि वो मुझसे दूर हो जाये,
पर उस बेवफा दूर जाने में कोई कसर ना छोड़ी।


तड़पता रहा बेवफा की याद में भाई,
प्यार नहीं किया उसके बाद में भाई।


ज़नाब मैं सह नहीं पाया ग़म ए जुदाई,
वो बेवफा गई पर कोई बताई नहीं दवाई।


मैं सुबह से शाम फिरता था उस बेवफा के पीछे,
पर मेरे जज़्बातों को दबाया उसने पैरो के नीचे।


सुन बेवफा तेरी बेवफ़ाई से तो मेरी तन्हाई अच्छी थी,
तुझसे तो अच्छे मेरे यारों ने यारी निभाई अच्छी थी।

⇒ Bewafa Shayari Status

तुम्हे देता रहा दर्द

आग की तरह आई और सब जलाकर राख कर दिया,
बेवफा ने मेरे सारे ख्वाबों को एक साथ ख़ाक कर दिया।


बेवफा मेरी जान ले ही लेती तेरी ये बेवफ़ाई,
पर ख़ुदा ने मुझे बख्श दिया देख मेरी अच्छाई।


उसके गुनाहों का कुछ तो कर दे हिसाब ख़ुदा,
बेवफा को दे दे बेवफ़ाई की कोई किताब ख़ुदा।

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तेरी बेवफ़ाई के बाद तड़प रहा ये दिवाना है,
अब ये जाए कहाँ जब दिवाना तेरा ये ज़माना है।


मुझसे वफ़ा की बात करके मुझे ही तुमने छोड़ दिया,
जो तुम्हें देता रहा दर्द उसी से जाके रिश्ता जोड़ लिया।


मैं ढूंढता रहा उस बेवफा को एक गली से दूसरी गली,
पर मुझे उसकी बेवफ़ाई के किस्से मिले पर वो ना मिली।


कभी सुबह तो कभी शाम पर ज़ुबां पे रहता उसी का नाम,
बेवफ़ाई उसने की और ग़म ए जुदाई का मिला मुझे ईनाम।

⇒ Majburi Shayari

- मनोज शर्मा "एम एस"


वफ़ा का अंज़ाम ना धोखा होता,
काश बेवफा तेरे सर लिखा होता।


जालिम तुझे दिल की ये डायरी बता दू,
तेरी बेवफाई की एक शायरी सुना दू।


प्यार में सह लूंगा नुकसान या नफा हो,
पर मंजूर कतई नहीं कोई बेवफा हो।


हम तेरी बेवफाई के चर्चे भी नहीं कर सकते,
कभी कसीदे पड़ा करते थे तेरी वफाई के।


प्यार सोच कर करती हाई की जरूरत क्या थी,
जब कर लिया तो बेवफाई की जरूरत क्या थी।

Bewafai Shayari – खानदानी बेवफा है

बेवफ़ा चली गई हो मुझे धोखा दे कर,
बात खत्म नहीं हुई मालूम उसे भी है।


वो भूल थी सच समझता रहा तेरी बातों को,
काश पढ़ लेता कभी बेवफा तेरी आँखों को।

- कैलाश वशिष्ठ "के सी"


मुझे आज भी याद उसकी जुदाई है,
उसकी मजबूरी नहीं वो बेवफाई  है।


सब्र करता हूं मैं आज भी उसी से प्यार करता हूं,
वो ज़रूर लौट आएगी आज भी इंतज़ार करता हूं।


जो तेरे अलग होने की कहानी है,
ये बता क्या तू बेवफ़ा खानदानी है।


क्या वजह थी क्या खता थी क्या गुनाह था,
बीच रास्ते मे छोड़ जाना ही मेरा इम्तेहान था।


क्या वजह थी दगा की क्यों की तूने बेवफाई,
मेरी मोहब्बत पे क्या थोड़ी भी तरस ना आई।


एक बार नहीं हज़ार बार लिखूँगा,
तुझे बेवफा का सरताज लिखूँगा।


मैं तेरा आज भी आखिरी वादा निभा रहा हूं,
अपनी मोहब्बत को खुद ही दफ़ना रहा हूं।


तेरे जाने के बाद मत पूछ क्या हाल था,
मैं मरा नहीं मगर एक ज़िन्दा लाश था।

⇒ All Type Sad Shayari

- सलमान रिज़वी


रिश्ता हर मोहब्बत का ये दर बदर होता है,
वफा की नींव पर मोहब्बत का घर होता है।


क्या करें शिकवा बेवफाई का उसे भी मोहरा बनाया होगा,
आजमाने को हुनर अपना मुझको ही उसने अपनाया होगा।

Bewafai Shayari In Hindi – गिरगिट से आंसू

कतल हुए अरमां सारे उसकी बेवफाई से,
क्या करें शिकवा हम अब उस हरजाई से।


बहाकर कुछ अश्क हम अपने बेवफ़ा का ग़म हल्का कर देंगें,
है रास्ते और भी जिन्दगी के ज़ालिम मेहबूब को चलता कर देंगें।


बेवफा वो न हो शायद कुछ हालात हो,
यकीं मुझे ये भी है मेरे ही खयालात हो।


दे दे सज़ा एक अदालत उसको बेवफाई के लिए,
मुनासिब मौका भी दे उसे अपनी सफाई के लिए।


बना दी जिन्दगी मेरी किसी मरघट से कम नहीं,
बेवफा के आंसू भी किसी गिरगिट से कम नहीं।


गुनाहों की उनके हम क्यूं सफाई करते रहे,
मोहरा बना कर मुझे वो बेवफाई करते रहे।


कैसे कह दें बेवफा उसकी आंखों में नमीं थी,
गुंजाइश ये भी हो के मुझमें ही कुछ कमी थी।

- अनिल "बेजुबान"


इतनी जल्दी क्या थी जो की बेवफ़ाई,
अभी तो शुरु हुई थी इश्क़ की पढ़ाई।


तुझसे पहले भी तन्हा था तेरे बाद भी रहा,
कमाल तो तब था जब मेरी तन्हाई मिटाते।


पूरी तरह से बेवफ़ाई भी नहीं आती उसे,
अब भी कभी कभी उदास रहता है वो।


मुझे छोड़ कर तू जिसपे इतरा रहा है,
वो सारा जहां तुझे बेवफा कह रहा है।


न कोई वादा तेरा बस तन्हाई अच्छी लगी,
तेरी वफ़ा से ज्यादा बेवफ़ाई अच्छी लगी।

Shayari On Bewafa – दिल को जलाना सीखा

अफसाना लिखा है अपनी मुहब्बत का,
सोचता हूँ तेरी बेवफ़ाई के बाद क्या लिखूँ।


मैंने कहा क्या इश्क़ में ज़रूरी बेवफ़ाई है,
उसने कहा मैंने तो बस रस्म निभाई है।


उसके नाम से आज भी दिल धड़कता है,
यानी उसे मैंने बेवफा कहा दिल ने नहीं।


बात बनाना सीख गए हो दिल को जलाना सीख गए हो,
तोड़ के अपनो से वादा गैरों से निभाना सीख गए हो।

- राजेश कनोजिया


बेवफाई का तुम एतबार कर बैठे,
गलती से हम तुमसे प्यार कर बैठे।


दवाओं ने असर करना बंद कर दिया है,
बेवफाई का ज़ख्म जो दिल में भर दिया है।


मिलना नहीं है अब एक भी दफा,
क्योंकि दिल है तुम्हारा अब बेवफ़ा।


हमारा प्यार किसी ओर पे लुटाती है,
और वो हमें ही बेवफा बताती है।


दिल टूटा हुआ है हमारा दिखाए किसको,
प्यार में बेवफाई मिली आखिर बताये किसको।


बहोत प्यार से उहोंने हमें सताया है,
भरी महफ़िल में हमें बेवफा बताया है।


रिश्तो की डोर नाजुक थी तोड़ दी तुमने,
वफ़ा की रुख बेवफाई में मोड़ दी तुमने।


आँखों से सबके दिलो में वार करती थी,
बेवफा थी साहब सबसे प्यार करती थी।

- अशफाक

Conclusion : तो दोस्तों आज Sad Shayari में हमने 100+ Bewafa Shayari In Hindi को पेश किया। इन शायरियों में आपको बेवफाई से जुड़ी feeling जानने को मिली होगी। इनमें जो दर्द उभरकर आया है, वो किसी भी बेवफ़ाई करने वाले को रुला जरूर देगा। उम्मीद है आपकी आंख में भी आंसू ज़रूर आये होंगे। अगर आपको लगता है कि एक बेवफाई करने वाले को तंज़ के लिए ये बेवफाई शायरी सही है, तो ज्यादा से ज्यादा Share करना ना भूलें। साथ ही अगर आपके मन में इन शायरियों से जुड़ी कोई बात है, तो हमें बेझिझक Comment box में बता सकते हैं। अगर आपकी कोई दिल की फरमाइश है, तो भी हमें विषय बता सकते हैं। आगे और भी ऐसी शायरियां पढ़ने के लिए आप इस प्लेटफॉर्म को बिल्कुल ना भूलें, क्योंकि यहां हम आपके लिए हर रोज़ रचनाएं पोस्ट करते रहेंगे।

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